The best Side of Peepal
साधना के दौरान मोबाइल फोन और अन्य तकनीकी उपकरणों का उपयोग नहीं करें।
वज्र पानी पिबेच्चांगे डाकिनी डापिनी रक्षोव सर्वांगे।
साधक, अनुष्ठान, जप के बाद भी नियमित मंत्र जप करते रहें।
साधना के समय जल का लोटा अपने पास रखें।
उत्तर बांधों, दक्खिन बांधों, बांधों मरी मसान, डायन भूत के गुण बांधों, बांधों कुल परिवार, नाटक बांधों, चाटक बांधों, बांधों भुइयां वैताल, नजर गुजर देह बांधों, राम दुहाई फेरों।
मंत्र नियम : मंत्र-साधना में विशेष ध्यान देने वाली बात है- मंत्र का सही उच्चारण। दूसरी बात जिस मंत्र का जप अथवा अनुष्ठान करना है, उसका अर्घ्य पहले से लेना चाहिए। मंत्र सिद्धि के लिए आवश्यक है कि मंत्र को गुप्त रखा जाए। प्रतिदिन के जप से ही सिद्धि होती है। किसी विशिष्ट सिद्धि के लिए सूर्य अथवा चंद्रग्रहण के समय किसी भी नदी में खड़े होकर जप करना चाहिए। इसमें किया गया जप शीघ्र लाभदायक होता है। जप का दशांश हवन करना चाहिए और ब्राह्मणों या गरीबों को भोजन कराना चाहिए।
ॐ वज्र मुस्ठी वज्र किवाड़। वज्र बाँधों दश द्वार।
दोनो वीच बैठे शिवजी महात्मा, खोल घड़ा दे दडा
मंत्र को गुप्त रखें:- शाबर मंत्र को गुप्त रखना अनिवार्य है। किसी अयोग्य व्यक्ति के साथ click here मंत्र साझा नहीं करें। साथ ही साधना के समय मौन रहना चाहिए।
जानिए शाबर मंत्र पढ़ने के नियम, तांत्रिक परंपरा का हिस्सा है ये मंत्र
ॐ गुरु जी कहे, चेला सुने, सुन के मन में गुने, नव ग्रहों का मंत्र, जपते पाप काटेंते, जीव मोक्ष पावंते, रिद्धि सिद्धि भंडार भरन्ते, ॐ आं चं मं बुं गुं शुं शं रां कें चैतन्य नव्ग्रहेभ्यो नमः
शुद्धता और स्वच्छता का पालन:- मंत्र जाप से पहले स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें। जाप के समय शारीरिक और मानसिक शुद्धता अनिवार्य है।
साधना काल में शुद्ध देशी घी का अखण्ड दीपक जलायें।
मंत्र साधना और जप के चमत्कारिक लाभ, जानिए...